Tagged: बेवफाई का ग़ज़ल

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उठ करुँगी सामना (uth karungi samna)

Poet: ratna अब करेगा याद मुझको, ये ज़मी और आसमां।                                    टूट कर न बैठ सकती, उठ करुँगी...

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ज़ाम-ए-मुहब्बत (jaam-e-muhbbat)

Lyrics : – Ratna कमबख्त मुहब्बत ने मारा है ऐसे, कोई काम का अब रहा ही न जैसे, जिगर में है टीस जिगर टूटने की, ये पलकों से आँसू सुखाऊँ मैं कैसे ?  ...